वापस जाएं

हिमाचल प्रदेश के जंगलों में क्या छुपा है? | Great Himalayan National Park | Snow Leopard का घर

क्या आपने कभी सोचा है कि हिमाचल प्रदेश के जंगलों में क्या छुपा है? क्या आप जानते हैं कि यहाँ एक ऐसा राष्ट्रीय उद्यान है जो यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में प्रसिद्ध ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क है और दुनिया के दो प्रमुख बायोज्योग्राफिक क्षेत्रों के जंक्शन पर स्थित है? या फिर यहाँ हिमालय के सबसे रहस्यमय जानवर स्नो लेपर्ड का प्राकृतिक आवास भी मौजूद है?

अगर नहीं, तो यह जानकारी आपके लिए है। आज हम आपको हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य की पूरी जानकारी देने वाले हैं, जहाँ हिमालय की अद्भुत जैव विविधता और दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं। तो चलिए शुरू करते हैं हिमालय की इस रोचक वन्य यात्रा को।

हिमाचल प्रदेश की जैव विविधता और संरक्षित वन क्षेत्र

अगर हम हिमाचल प्रदेश की जैव विविधता और वन संपदा की बात करें, तो यह राज्य भारत के सबसे समृद्ध प्राकृतिक क्षेत्रों में से एक है। हिमाचल प्रदेश में 5 राष्ट्रीय उद्यान, 26 वन्यजीव अभयारण्य, 3 रामसर साइट और 3 कंजर्वेशन रिज़र्व मौजूद हैं।

राज्य का लगभग 68.16% भाग घने वनों से ढका हुआ है, जो करीब 37,939 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य भारत में वन्यजीव संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र माने जाते हैं।

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान: यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट

सबसे पहले बात करते हैं ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (Great Himalayan National Park) की, जो हिमाचल प्रदेश का एकमात्र यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट राष्ट्रीय उद्यान है। इसकी स्थापना 1984 में हुई थी और 1999 में इसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।

जून 2014 में यूनेस्को ने इसे जैव विविधता संरक्षण के लिए वैश्विक महत्व वाला विश्व धरोहर स्थल घोषित किया।

यह राष्ट्रीय उद्यान कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल में 1,171 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। खास बात यह है कि यह पार्क इंडोमलायन और पेलियरक्टिक बायोज्योग्राफिक क्षेत्रों के जंक्शन पर स्थित है, जिससे यहाँ असाधारण जैव विविधता देखने को मिलती है।

यहाँ की ऊँचाई 1,500 मीटर से 6,000 मीटर तक है और यहाँ चार प्रमुख घाटियाँ — तीर्थन घाटी, सैंज घाटी, पार्वती घाटी और जिवा नाल घाटी स्थित हैं।

इस राष्ट्रीय उद्यान में 375 से अधिक वन्यजीव प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यहाँ के प्रमुख जानवरों में स्नो लेपर्ड, हिमालयन मस्क डियर, हिमालयन ब्राउन बियर, ब्लू शीप (भराल), गोरल और हिमालयन तहर शामिल हैं।

अगर आप ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क घूमने का सबसे अच्छा समय जानना चाहते हैं, तो यहाँ आने का सही समय मार्च से जून और सितंबर से नवंबर के बीच माना जाता है।

हिमाचल प्रदेश के अन्य प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान

ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के अलावा भी हिमाचल प्रदेश में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान हैं जो अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के लिए जाने जाते हैं।

पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान लाहौल-स्पीति जिले की स्पीति घाटी में स्थित है और यह भारत के कोल्ड डेज़र्ट क्षेत्र में स्थित प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यहाँ आपको स्नो लेपर्ड, साइबेरियन आइबेक्स और टिबेटन वुल्फ जैसे दुर्लभ जीव देखने को मिल सकते हैं।

सिम्बलबारा राष्ट्रीय उद्यान सिरमौर जिले की पाओंटा वैली में स्थित है और इसे कर्नल शेर जंग राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। यह शिवालिक पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित एक सुंदर वन क्षेत्र है।

इंदरकिल्ला राष्ट्रीय उद्यान कुल्लू जिले में स्थित है और यह ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के साथ एक सतत हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा माना जाता है।

इसी तरह खीरगंगा राष्ट्रीय उद्यान, जो कुल्लू की पार्वती वैली में स्थित है, अपने खीरगंगा ट्रेक और प्राकृतिक गर्म पानी के झरनों (Hot Springs) के कारण पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य और रामसर साइट

अगर हम हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों की सूची देखें, तो यहाँ कई ऐसे अभयारण्य हैं जो दुर्लभ वन्यजीवों और प्राकृतिक झीलों के लिए जाने जाते हैं।

किब्बर वन्यजीव अभयारण्य, जो स्पीति घाटी में स्थित है, स्नो लेपर्ड और हिमालयन आइबेक्स के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

चंद्रताल वन्यजीव अभयारण्य में स्थित चंद्रताल झील (Chandratal Lake) हिमालय की सबसे खूबसूरत झीलों में से एक मानी जाती है।

कालाटोप खज्जियार वन्यजीव अभयारण्य चंबा जिले में स्थित है और इसे अक्सर मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ हिमाचल के आसपास के प्राकृतिक जंगलों के लिए जाना जाता है।

इसी तरह पोंग डैम लेक (महाराणा प्रताप सागर) एक महत्वपूर्ण रामसर साइट और पक्षी अभयारण्य है जहाँ हर साल हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं।

हिमाचल प्रदेश में स्नो लेपर्ड और हिमालयी वन्यजीवन

हिमाचल प्रदेश के संरक्षित वन क्षेत्र शिवालिक पर्वत श्रृंखला से लेकर ट्रांस-हिमालय के कोल्ड डेज़र्ट क्षेत्रों तक फैले हुए हैं, इसलिए यहाँ वन्यजीवों की असाधारण विविधता देखने को मिलती है।

यहाँ की सबसे खास पहचान है स्नो लेपर्ड, जिसे दुनिया के सबसे रहस्यमय और दुर्लभ बड़े बिल्लियों में गिना जाता है। वास्तव में हिमाचल प्रदेश भारत में स्नो लेपर्ड के प्रमुख आवास क्षेत्रों में से एक माना जाता है।

हिमाचल के घने जंगलों में आपको कभी मस्क डियर, कभी हिमालयन ब्राउन बियर, तो कभी वेस्टर्न ट्रैगोपन जैसे दुर्लभ पक्षी देखने को मिल सकते हैं।

तो अगली बार जब आप हिमाचल प्रदेश की यात्रा या हिमालयी नेशनल पार्क टूर की योजना बनाएं, तो इन अद्भुत राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों की सैर जरूर करें।

जुड़े रहिए भारत माता चैनल के साथ, क्योंकि हम जल्द ही आपको एक और राज्य के राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्यों की यात्रा पर लेकर आएंगे।