आंध्र प्रदेश का श्री वीरभद्र मंदिर, लेपाक्षी, रहस्य और आस्था का अद्भुत संगम है। रामायण की कथा, जटायु से जुड़ा इतिहास, हवा में लटका स्तंभ, एकाश्म नंदी, भित्तिचित्र और विजयनगर काल की वास्तुकला इस मंदिर को अद्वितीय बनाती है।
महाबलेश्वर—पश्चिमी घाटों की देवभूमि, जहाँ पंचगंगा की नदियाँ जन्म लेती हैं, शिवाजी और ब्रिटिश काल की कहानियाँ जीवित हैं, और हर मोड़ पर प्रकृति, इतिहास और आस्था का अद्भुत संगम नजर आता है।
रायगड किला—स्वराज्य का सिंहासन और छत्रपति शिवाजी महाराज की अमर विरासत। बादलों को चूमते इस दुर्ग से मराठा साम्राज्य की नींव पड़ी। यह वीडियो इतिहास, वीरता, स्वाभिमान और मराठा गौरव की जीवंत कथा प्रस्तुत करता है।
मुंबई का श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर आस्था, विश्वास और चमत्कारों का पवित्र केंद्र है। स्वर्णिम गुंबद, दाहिनी सूंड वाले गणेशजी और करोड़ों भक्तों की श्रद्धा इसे भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में एक बनाती है। यहाँ हर मनोकामना पूर्ण होने का विश्वास है।
जम्मू के रियासी जिले में स्थित शिवखोड़ी गुफा एक दिव्य तीर्थ है, जिसे महादेव ने अपने त्रिशूल से रचा माना जाता है। यहाँ स्वयंभू शिवलिंग, 33 कोटि देवी-देवताओं की उपस्थिति और भस्मासुर की पौराणिक कथा आस्था, रहस्य और शक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है।
13वीं शताब्दी में राजा नरसिंहदेव द्वारा निर्मित कोणार्क सूर्य मंदिर कला, वास्तुकला और श्रद्धा का अद्भुत संगम है। सूर्य देव के रथ के रूप में निर्मित यह मंदिर रहस्यों से घिरा है—जहाँ कभी पूजा नहीं हुई, फिर भी इसकी भव्यता और दिव्यता आज भी लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
राजस्थान के अरावली पर्वतों में स्थित रणकपुर का चतुर्मुख मंदिर जैन वास्तुकला की अद्भुत मिसाल है। संगमरमर से निर्मित यह मंदिर 1,444 नक्काशीदार स्तंभों और दिव्य कारीगरी के लिए प्रसिद्ध है—जहां हर स्तंभ एक नई कहानी कहता है, मानव कला और आस्था का प्रतीक बनकर।
झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की रहस्यमयी कथा जानिए — जहाँ रावण की तपस्या से प्रकट हुआ ‘कामना लिंग’ आज भी करोड़ों भक्तों की मनोकामना पूरी करता है। यह स्थान न केवल द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल है, बल्कि शक्तिपीठ भी है।
क्या आपने उस रहस्यमयी स्थान के बारे में सुना है जहाँ भगवान शिव हर रात विश्राम करते हैं? ओंकारेश्वर मंदिर में शिव-पार्वती की चौसर और बिखरे हुए पासे बनाते हैं इसे दिव्यता से परिपूर्ण।
भारत माता की इस प्रस्तुति मे जानिए 12 ज्योतिर्लिंगों मे से एक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की वास्तविक कहानी। यह मंदिर यह शिव की उस शक्ति का प्रतीक है जो अधर्म को मिटाकर धर्म की स्थापना करता है।
भारत माता की इस प्रस्तुति मे थार रेगिस्तान में स्थित जैसलमेर किला "सोनार किला" का विस्तृत वर्णन है, जिसकी दीवारें सुनहरी बालू पत्थर से बनी हैं। यह भारत का एकमात्र "जीवित किला" है, जहाँ आज भी लोग रहते और व्यापार करते हैं।
भारत माता की इस प्रस्तुति मे उत्तराखंड की चार धाम यात्रा का वर्णन है। जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ चार मुख्य धाम शामिल हैं।