Bandipur से Kabini तक | कर्नाटक के जंगलों में क्या क्या मिलेगा || National Parks of Karnataka
क्या आपने कभी सोचा है कि कर्नाटक के जंगलों में छुपा है वो जादू? जो यहाँ "दुनिया की सबसे बड़ी बाघ आबादी" और "एशियाई हाथियों का गढ़" कहलाता है? अगर आप इसके बारे में जानना चाहते हैं, तो आज हम "Bharat Mata" वेबसाइट के जरिए कर्नाटक के हर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य की एक संपूर्ण गाइड तैयार करेंगे।
कर्नाटक के पश्चिमी घाट की पहाड़ियों में फैले इन जंगलों का उद्देश्य भारत के 25% हाथियों और 10% बाघों की संख्या को संरक्षित करना है।
कर्नाटक में कौन-से राष्ट्रीय उद्यान और रिज़र्व हैं?
कर्नाटक में कुल 5 राष्ट्रीय उद्यान और 5 टाइगर रिज़र्व हैं, जो 21 से अधिक वन्यजीव अभयारण्यों को जोड़ते हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ खास जगहें जैसे कबिनी, सोमेश्वरा और तालकावेरी भी अंतरराज्यीय सीमा पार करके बहुत ज्यादा अंतरराज्यीय टूरिस्ट्स को आकर्षित करती हैं।
आइए इन अद्भुत जगहों पर एक नज़र डालते हैं:
1. बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान (Bandipur National Park)
भारत के सबसे पुराने टाइगर रिज़र्व में से एक, बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1931 में हुई थी और बाद में 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत टाइगर रिज़र्घोषित कर दिया गया। यह 912.04 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है और यह नीलगिरि बायोस्फीयर रिज़र्व का भाग है।
- बाघों की आबादी: यहाँ जानकारी के लिए एक चौक देखें – 2024 की गणना के अनुसार, बांदीपुर, नागरहोल, मुदुमलाई, सत्यमंगलम और वायनाड के इन 5 टाइगर रिज़र्व में कुल 393 बाघ हैं।
- स्पेशल फीचर: यहाँ प्राकृतिक रूप से दुनिया की सबसे बड़ी एकल जंगली बाघ आबादी है और एशियाई हाथियों की सबसे बड़ी आबादी भी पाई जाती है।
- Animals to Spot: बंगाल टाइगर, एशियाई एलिफैंट, गौर (Gaur), स्लोथ बियर, लेपर्ड, सांभर, और 200 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ।
- Best Time to Visit: अक्टूबर से मई तक।
2. नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान (Nagarhole National Park)
कर्नाटक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान, नागरहोल, 1955 में स्थापित हुआ और 1999 में भारत का 37वाँ टाइगर रिज़र्व बना। यह 848 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है और इसे "कबिनी रिज़र्व" भी कहा जाता है।
- Activities: कबिनी नदी के किनारे स्थित होने के कारण यहाँ बोट सफारी और जीप सफारी का खूब ऑप्शन है।
- Animals to Spot: यहाँ 150 से ज्यादा बाघ, 130-140 लेपर्ड, एक ब्लैक पैंथर, हाथियों के झुंड, गौर, वाइल्ड डॉग, स्लोथ बियर और 250 से ज्यादा पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
- Best Time to Visit: अक्टूबर से मई तक।
3. बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान (Bannerghatta National Park)
यह पूरे भारत के लिए एक अद्भुत विकल्प है क्योंकि यह बेंगलुरु (Bangalore) से सिर्फ 22 किलोमीटर दूर है। 1970 में स्थापित, 260.5 वर्ग किलोमीटर में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान पहाड़ी के रूप में है।
- Special Highlight: यहाँ "भारत का पहला बटरफ्लाई पार्क" भी है, जहाँ 20 से ज्यादा प्रजातियों की तितलियाँ देखी जा सकती हैं। इसके अलावा यहाँ एक्वेरियम, चिड़ियाघर, क्रोकोडाइल फार्म, और स्नेक पार्क भी है।
- Animals to Spot: लेपर्ड, स्लोथ बियर, जैकल, वाइल्ड बोअर, स्पॉटेड डियर, सांभर, और 200 से ज्यादा पक्षी प्रजातियाँ।
- Best Time to Visit: नवंबर से जून तक।
4. अंशी और दांडेली राष्ट्रीय उद्यान (Anshi & Dandeli)
अंशी राष्ट्रीय उद्यान उत्तर कन्नड़ जिले में काली नदी के किनारे स्थित है। अंशी और दांडेली वन्यजीव अभयारण्य को मिलाकर 875 वर्ग किलोमीटर का काली टाइगर रिज़र्व बन गया है, जो गोवा के वन्यजीव अभयारण्यों से भी जुड़ा हुआ है।
- Activities: यहाँ रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग और जीप सफारी के साथ-साथ एक बड़ा स्लोथ बियर सेंचुरी भी है।
- Animals to Spot: बंगाल टाइगर, एशियाई एलिफैंट, मालाबार जाइंट स्क्विरल, ढोल, गौर, स्लोथ बियर और ब्लैक पैंथर।
- Best Time to Visit: अक्टूबर से मई तक।
5. कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान (Kudremukh National Park)
चिकमगलूर में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान 600.32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसकी स्थापना 1987 में हुई। कुद्रेमुख का अर्थ है "घोड़े का चेहरा" (Horse's Face), जो इसकी मुख्य चोटी (Peak) के आकार के कारण पड़ा है।
- Special Highlight: लायन-टेल्ड मकाक (Lion-tailed Macaque) की सबसे बड़ी आबादी यहीं पाई जाती है। इसके अलावा यहाँ 1800 से ज्यादा पौधों की प्रजातियाँ भैंस।
- Highlights: यहाँ कदंबी वॉटरफॉल और हनुमान गुंडी फॉल्स देखने लायक हैं।
- Animals to Spot: टाइगर, लेपर्ड, वाइल्ड डॉग, स्लोथ बियर, गौर, सांभर और मालाबार जाइंट स्क्विरल।
- Best Time to Visit: अक्टूबर से मई तक।
6. भद्रा वन्यजीव अभयारण्य (Bhadra Wildlife Sanctuary)
यह चिकमगलूर में स्थित है। इसे 1998 में 25वाँ प्रोजेक्ट टाइगर बनाया गया। यह 492 वर्ग किलोमीटर में फैला है और कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी मुल्लायनगिरि के पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
- Activities: यहाँ रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग और जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं।
- Animals to Spot: टाइगर, लेपर्ड, ब्लैक पैंथर, गौर, चीतल, स्लोथ बियर, हाथी, सांभर, और 300 से ज्यादा पक्षी प्रजातियाँ।
7. बीआरटी टाइगर रिज़र्व (Biligiri Rangaswamy Temple - BRT)
यह वन बस एक जंगल नहीं है, बल्कि पूर्वी घाट में स्थित एक महत्वपूर्ण वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है जो कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच जुड़ा है।
- Highlights: यहाँ हॉगेनक्कल फॉल्स और मेकेदातु (कावेरी और अर्कावथी नदियों का संगम) देखने लायक हैं।
- Animals to Spot: बाघ, हाथी, मालाबार जाइंट स्क्विरल, ग्रिज़ल्ड जाइंट स्क्विरल और मगर क्रोकोडाइल।
कुछ और वन्यजीव अभयारण्य और आकर्षण (Must Visit)
कर्नाटक का जंगली जीवन समृद्ध है, जिसमें निम्नलिखित भी शामिल हैं:
- कबिनी: यह दुनिया में एशियाई हाथियों के लिए सबसे बड़ी जगह है। दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ब्लैक पैंथर "साया" भी इसी क्षेत्र में पाए जाते हैं।
- तालकावेरी: जीवविज्ञान के लिए महत्वपूर्ण जगह है।
- सोमेश्वरा: क्लिफ़ हाइडिंग के लिए प्रसिद्ध है।
- रंगनाथिट्टु (Ranganathittu Bird Sanctuary): कावेरी नदी के किनारे बसे पक्षियों का एक सिमारा है।
क्यों कर्नाटक "वन्य जीव यात्रा" (Wildlife Travel) के लिए सबसे बेहतरीन गन्थी है?
कर्नाटक को "एशियाई हाथियों का गढ़" और "दुनिया की सबसे बड़ी बाघ आबादी का घर" कहा जाता है। इसके पश्चिमी घाट के जंगल ट्रॉपिकल और मोंटेन रेनफॉरेस्ट वाले एवरग्रीन और डेसिड्यूअस वन से भरपूर हैं।
अगर आप भी इन विसाल वनों में प्रकृति का आनंद लेना चाहते हैं, तो अगली बार जब आप कर्नाटक यात्रा पर जाएं, तो इन राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों की सैर जरूर करें! हाथियों के झुंड या टाइगर की दहाड़ सुनने के लिए तैयार रहें।
अब जुड़े रहिए "Bharat Mata" के साथ! हम जल्द ही आपको अगले राज्य के राष्ट्रीय उद्यानों की यात्रा कराने जाएंगे।