यह वीडियो श्रीमद्भगवद्गीता के गहन दर्शन को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। अर्जुन की दुविधा, श्रीकृष्ण का उपदेश, प्रेय-श्रेय का अंतर, कर्मयोग, ज्ञान और भक्ति के संतुलन के माध्यम से जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का भावपूर्ण प्रवचन, जिसमें श्रीमद्भगवद्गीता को जीवन का अमर गीत बताया गया है। गीता सुगीता कर्तव्या के सूत्र से जानिए कैसे गीता केवल पढ़ने का नहीं, बल्कि जीने का मार्ग है।
यह विशेष प्रवचन भारतीय आध्यात्मिक चेतना, सनातन परंपरा और श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों को सरल व प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करता है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी हनुमान जी, धर्म, नाम-स्मरण और जीवन के शाश्वत सत्य को गहराई से समझाते हैं।
इस गहन आध्यात्मिक प्रवचन में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज मानव जीवन के परम उद्देश्य, भक्ति के महत्व और समाजिक उत्तरदायित्व पर प्रकाश डालते हैं। भरत जी के चरित्र, भक्ति, त्याग और करुणा के माध्यम से जीवन व राष्ट्र के उत्थान का प्रेरक संदेश।
इस प्रेरणादायक प्रवचन में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज धर्म के वास्तविक स्वरूप को स्पष्ट करते हैं। यह संदेश मन की शुद्धि, बुद्धि के परिवर्तन, सर्वजन कल्याण, सामाजिक शांति और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा की प्रेरणा देता है।
यह आध्यात्मिक प्रवचन भक्ति, साधना और जीवन की पवित्रता का गूढ़ संदेश देता है। सत्संग, श्रद्धा और आत्मचिंतन के माध्यम से यह कथा मनुष्य को आंतरिक जागरण, मानसिक शांति और विश्व कल्याण की भावना से जोड़ती है।
इस प्रेरणादायक प्रस्तुति में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज जीवन, धर्म, साधना और आत्मचिंतन के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में बताते हैं। यह संदेश आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और जीवन की नई दिशा प्रदान करता है।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज इस प्रेरणादायक प्रस्तुति में बताते हैं कि महाभारत संपूर्ण मानव सभ्यता का दर्पण है। वे भारत की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक श्रेष्ठता, आत्मिक स्वतंत्रता, निर्भयता और आत्मबोध के गहरे रहस्यों को उजागर करते हैं।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का यह आध्यात्मिक संदेश भक्ति, ईश्वर स्मरण और संयम के सच्चे महत्व को दर्शाता है। यह बताता है कि निरंतर जप, विनम्रता और सेवा से मन शुद्ध होता है, अहंकार मिटता है और जीवन सार्थक व आध्यात्मिक रूप से उन्नत बनता है।
भगवान श्रीराम द्वारा वनवास में साथ ले जाई गई पवित्र माटी और मानव जीवन के दिव्य अर्थ पर दिया उपदेश—स्वार्थ त्याग, चेतना जागरण और मातृभूमि-भक्ति का कालजयी संदेश। यह कथा हर भारतीय को धर्म, कर्तव्य और ईश्वरभाव की ओर प्रेरित करती है।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी बताते हैं कि सच्चा सुख और शांति केवल भगवान श्रीराम की भक्ति से मिलते हैं। तुलसीदास जी के विचारों पर आधारित यह प्रवचन सत्संग की महिमा, दुष्ट संग के दुष्परिणाम और भक्ति, विवेक व प्रेम के दिव्य संगम को दर्शाता है।
आदि शंकराचार्य के अद्भुत जीवन की प्रेरक कथा जानिए — जिन्होंने मात्र सात वर्ष की आयु में सन्यास लेकर भारत की आध्यात्मिक एकता को पुनर्जीवित किया।