गया: बौद्ध धर्म का पवित्र स्थल | महाबोधि मंदिर | पितृपक्ष मेला
गया: बौद्ध धर्म का पवित्र स्थल
भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति का स्थान गया, बिहार, बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक माना जाता है। यह धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल पूरे राज्य में सबसे लोकप्रिय तीर्थस्थल है।
गया का ऐतिहासिक महत्व
गया पहले मगध का हिस्सा था और यह पटना के दक्षिण में 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान सभी धर्मों के लिए पवित्र माना जाता है।
गया का भौगोलिक परिदृश्य
यह स्थान तीन तरफ से मंगला गौरी, श्री राम शीला और ब्रह्मा यूनी पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जबकि इसके पश्चिम में फल्गु नदी बहती है। यह उत्तर में रहना बाद जिले, दक्षिण में झारखंड के चतरा जिले, पूर्व में नवादा जिले और पश्चिम में औरंगाबाद जिले से जुड़ा हुआ है।
महाबोधि मंदिर: गया की शान
महाबोधि मंदिर गया का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। पूरी दुनिया से भिक्षु यहां आते हैं, भगवान बुद्ध की मूर्ति के दर्शन करते हैं और उनके चरणों के नीचे बैठकर ध्यान लगाते हैं।
गया पर्यटन स्थल
गया पर्यटन अपने पहाड़ियों और ऐतिहासिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। मुख्य पर्यटन स्थल:
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योनि
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रामशिला
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प्रेतशिला
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देव 12 बर की गुफा
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पावापुरी
फल्गु नदी के तट पर स्थित घाट और मंदिर
यहां कई धार्मिक स्थल हैं, जो आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। मुख्य आकर्षणों में:
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जामा मस्जिद
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मंगला गौरी मंदिर
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विष्णुपद मंदिर
गया का पारंपरिक भोजन
पर्यटन के दौरान आप यहां के स्थानीय बिहारी व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं, जैसे:
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लिट्टी चोखा
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मरुआ की रोटी
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सत्तू की रोटी
पितृपक्ष मेला: गया का प्रमुख उत्सव
गया में पितृपक्ष मेला प्रमुख त्योहारों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने इस स्थान पर सबसे पहले पिंडदान किया था। इसलिए इस स्थान पर हर वर्ष श्रद्धालु पिंडदान करने आते हैं।
भगवान बुद्ध के जन्मदिन को वैशाख पूर्णिमा के दिन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
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