वापस जाएं

राजस्थान सिर्फ रेगिस्तान नहीं है | Rajasthan National Parks & Wildlife Sanctuaries

जब भी राजस्थान का नाम लिया जाता है, तो ज़हन में रेगिस्तान, किले और राजाओं की शान उभर आती है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी राजस्थान की धरती पर ऐसे घने जंगल और समृद्ध वन्य क्षेत्र भी हैं, जहाँ बाघ की दहाड़ गूंजती है, तेंदुआ चट्टानों के बीच छुपकर चलता है और रेगिस्तान के बीच दुर्लभ पक्षी आसमान को छूते हैं?

अगर आपने राजस्थान को सिर्फ रेत और महलों तक सीमित समझा है, तो यह लेख आपकी सोच बदल देगा।
क्योंकि आज हम आपको ले चलेंगे राजस्थान के जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों की उस दुनिया में, जहाँ हर पेड़, हर घाटी और हर सफारी की अपनी कहानी है।

ऐसे ही भारत के राज्यों की वास्तविक पहचान जानने के लिए जुड़े रहें
भारत माता के साथ।

राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य

राजस्थान में कुल 5 राष्ट्रीय उद्यान और 25 से अधिक वन्यजीव अभयारण्य हैं। ये जंगल रेगिस्तान, पहाड़ी इलाकों और नदी घाटियों तक फैले हुए हैं, और यही वजह है कि यहाँ की जैव विविधता भारत में सबसे अलग मानी जाती है।

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान – राजस्थान की पहचान

रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान, सवाई माधोपुर जिले में स्थित है और राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है। यह पूरी दुनिया में अपने रॉयल बंगाल टाइगर के लिए जाना जाता है। यहाँ बाघ खुले मैदानों में चलते हुए दिखाई देते हैं, जो बहुत कम जंगलों में देखने को मिलता है। इसके अलावा यहाँ तेंदुआ, स्लोथ भालू, सांभर, नीलगाय और जंगली सूअर भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।

रणथंभौर को खास बनाता है इसके बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक रणथंभौर किला और पदम तालाब जैसी झीलें।

सारिस्का टाइगर रिज़र्व – इतिहास और वन्यजीवन का संगम

सारिस्का टाइगर रिज़र्व, अलवर जिले में स्थित है। यह क्षेत्र कभी शाही शिकारगाह हुआ करता था, और आज बाघों व तेंदुओं का सुरक्षित घर है। यहाँ स्लोथ भालू, सांभर और नीलगाय भी देखे जा सकते हैं। सारिस्का की पहचान है पांडुपोल हनुमान मंदिर और जंगल के बीच मौजूद कांकवाड़ी किले के खंडहर।

केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान – पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग

केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर में स्थित है और यह पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहाँ 400 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं और सर्दियों में दुनिया भर से हज़ारों प्रवासी पक्षी यहाँ आते हैं। इसी कारण इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला है। यहाँ का शांत वातावरण और पक्षियों की आवाज़ इसे अन्य सभी राष्ट्रीय उद्यानों से अलग बनाती है।

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व – शांत जंगलों का अनुभव

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व, कोटा और चित्तौड़गढ़ के बीच फैला हुआ है। यह राजस्थान के नए और कम भीड़ वाले टाइगर रिज़र्व में से एक है। यहाँ बाघ, तेंदुआ और भारतीय भेड़िया पाए जाते हैं, साथ ही घने जंगल और नदी घाटियाँ भी देखने को मिलती हैं। यह स्थान उन लोगों के लिए खास है जो शांत और प्राकृतिक वन अनुभव चाहते हैं।

डेजर्ट नेशनल पार्क – रेगिस्तान में जीवन का प्रमाण

डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर में स्थित है और यह साबित करता है कि रेगिस्तान भी जीवन से भरा हो सकता है। यहीं पाया जाता है दुर्लभ ग्रेट इंडियन बस्टर्ड। इसके अलावा यहाँ चिंकारा, रेगिस्तानी लोमड़ी और कई विशिष्ट पक्षी प्रजातियाँ भी मिलती हैं। 

इसके अलावा राजस्थान में
कई ऐसे वन्यजीव अभयारण्य हैं,
जो मिलकर राज्य की वन्य विरासत को संजोते हैं।
इनमें शामिल हैं—
कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य,
सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य,
ताल छापर ब्लैकबक अभयारण्य,
माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य,
कैला देवी वन्यजीव अभयारण्य,
जैसमंद वन्यजीव अभयारण्य,
फुलवारी की नाल वन्यजीव अभयारण्य,
टोडगढ़–रावली वन्यजीव अभयारण्य,
शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य,
सवाई मानसिंह वन्यजीव अभयारण्य,
रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य,
जामवा रामगढ़ वन्यजीव अभयारण्य,
जवाहर सागर वन्यजीव अभयारण्य,
भैंसरोड़गढ़ वन्यजीव अभयारण्य,
बांध बरेठा वन्यजीव अभयारण्य,
रामसागर वन्यजीव अभयारण्य,
केसरबाग वन्यजीव अभयारण्य,
सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य,
गजनेर वन्यजीव अभयारण्य,
वन विहार वन्यजीव अभयारण्य (धौलपुर),
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य (राजस्थान क्षेत्र),

नाहरगढ़ जैविक उद्यान क्षेत्र,
सरिस्का वन्यजीव क्षेत्र,
दर्रा वन्यजीव क्षेत्र,
और जवाई तेंदुआ संरक्षण क्षेत्र।
ये सभी अभयारण्य मिलकर
राजस्थान को सिर्फ रेगिस्तान की भूमि नहीं,
बल्कि जैव विविधता से भरपूर एक अनोखा राज्य बनाते हैं।
इन जंगलों की सैर के बाद आप यह ज़रूर समझ जाएंगे कि राजस्थान सिर्फ रेत का प्रदेश नहीं,
बल्कि वन्यजीवन का एक जीवंत संसार है।

राजस्थान: रेत से आगे, जीवन से भरपूर

इन जंगलों की सैर के बाद आप यह ज़रूर समझ जाएंगे कि राजस्थान सिर्फ रेत का प्रदेश नहीं, बल्कि वन्यजीवन का एक जीवंत संसार है।

राजस्थान सहित भारत के अन्य राज्यों की जानकारी पढ़ें:
Bharat Darshan – राजस्थान
Bharat Darshan Category

वीडियो कंटेंट के लिए:
Bharat Mata YouTube Channel