चैत्र शुक्ल नवमी के दिन त्रेता युग में रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ एवं महारानी कौशल्या के यहाँ अखिल ब्रम्हांड नायक ने पुत्र के रूप में जन्म लिया था। दिन के 12 बजे जैसे ही सौन्दर्य निकेतन शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किये हुए चतुर्भुज धारी श्री राम प्रगट हुए तो मानो माता कौशल्या उन्हें देखकर विस्मित हो गईं।
नवरात्रि में सप्तमी पर माँ दुर्गा की सप्तम स्वरूपा माँ कालरात्रि की आराधना की जाती है। माँ कालरात्रि की पूजा-अर्चना करने से साधक पाप-मुक्त हो जाता है तथा शत्रुओं का नाश होता है, तेज में वृद्धि होती है
माँ स्कंदमाता माँ दुर्गा के नवरूपों में पंचम स्वरूपा हैं। माँ स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं जिनकी आराधना से उपासक को अलौकिक तेज की प्राप्ति होती है।
नवरात्र-पूजन के चतुर्थ दिवस पर माँ कुष्माण्डा के स्वरूप की उपासना की जाती है। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था तब माँ कुष्मांडा ने ही ब्रह्मांड की रचना की थी।
माँ दुर्गा की तृतीय स्वरूपा माँ चंद्रघंटा का स्वरूप परम शांतिदायक एवं कल्याणकारी है। इनके मस्तक पर घंटे का आकार का अर्धचंद्र है.जिस कारण से माँ चंद्रघंटा के नाम से इनकी आराधना की जाती है।
माँ शैलपुत्री माँ दुर्गा के नवरूपों की प्रथम स्वरूपा हैं। नवरात्र -पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है। मान्यता है कि माँ शैलपुत्री मूलाधार चक्र की अधिष्ठात्री देवी हैं
माँ दुर्गा की अष्टम शक्ति के रूप में माँ महागौरी की उपासना की जाती है। माँ महागौरी आदिशक्ति हैं जिनकी दिव्यता से संपूर्ण विश्व प्रकाश-मान होता है एवं उनकी शक्ति अमोघ फलदायिनी है।
भगवान श्री कृष्ण का अवतरण हुआ था, धर्म की स्थापना के लिए और राजा कंस के अत्याचारों से प्रजा को मुक्ति दिलाने हेतु भगवान कृष्ण ने धरती पर अवतार धारण किया था
प्रस्तुत लेख भारत माता द्वारा, गुरु पूर्णिमा के महत्व और गुरु-शिष्य परंपरा को विस्तार से समझाता है। जानें गुरु की महिमा, उनकी भूमिका, और कैसे यह दिन हिन्दू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म में सम्मानित किया जाता है। गुरु के प्रति श्रद्धा और आशीर्वाद से जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है।
दशहरा (विजयादशमी ) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था।
Bharat Mata की ओर से दीपावली पर शुभकामनाएं। जानें दीपावली के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के बारे में। दीपक का महत्व, महादेवी वर्मा की प्रेरणा और संपूर्ण दीपावली का अर्थ।
गंगा दशहरा ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है। यह गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है और ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।